ग्लासगो: भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर तैनात धावक गुलवीर सिंह ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले 27 वर्षीय एथलीट ने इस उपलब्धि के साथ 10,000 मीटर स्पर्धा में कॉमनवेल्थ गेम्स का रजत पदक जीतने वाले पहले भारतीय बनने का गौरव हासिल किया।
सेना में भर्ती होने के लिए शुरू की थी दौड़
गुलवीर सिंह का खेल सफर किसी प्रेरणादायक कहानी से कम नहीं है। उन्होंने शुरुआत में दौड़ना केवल भारतीय सेना में भर्ती होने के उद्देश्य से शुरू किया था। मेहनत और लगन के दम पर वह वर्ष 2018 में भारतीय सेना की प्रतिष्ठित ग्रेनेडियर्स रेजिमेंट में शामिल हुए। सेना में भर्ती होने के बाद भी उन्होंने अभ्यास जारी रखा और अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई।
एशियन गेम्स से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक लगातार चमके
गुलवीर सिंह ने वर्ष 2022 के एशियन गेम्स में 10,000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर अपनी क्षमता का परिचय दिया। इसके बाद वर्ष 2023 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर स्पर्धा में भी कांस्य पदक अपने नाम किया। लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने भारतीय लंबी दूरी की दौड़ में अपनी मजबूत पहचान बनाई।
कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार रचा इतिहास
ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में रजत पदक जीतकर नया इतिहास रच दिया। वह इस स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। उनकी इस उपलब्धि को भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है।
कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी हैं नाम
गुलवीर सिंह के नाम 10,000 मीटर, 5,000 मीटर, हाफ मैराथन और एक मील दौड़ के राष्ट्रीय रिकॉर्ड दर्ज हैं। वर्ष 2026 में उन्होंने हाफ मैराथन 59 मिनट 42 सेकंड में पूरी कर एक घंटे से कम समय में यह दूरी पूरी करने वाले पहले भारतीय धावक बनने का रिकॉर्ड बनाया। इसके अलावा मई 2026 में अमेरिका में आयोजित म्यूजिक सिटी कार्निवल में उन्होंने चार मिनट से कम समय में एक मील की दौड़ पूरी कर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम की।
पिछले साल दो स्वर्ण पदक भी किए थे अपने नाम
गुलवीर सिंह ने वर्ष 2025 की एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 5,000 मीटर और 10,000 मीटर दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया था। अब कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतकर उन्होंने अपने शानदार करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है।
